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Saturday, August 1, 2009

This is called an active MLA

भोपाल। पढ़ने में अटपटा जरूर लगेगा लेकिन हकीकत में मध्य प्रदेश विधानसभा में पूछे गए चार सवालों के जवाब भोपाल तक भेजने के लिए बैतूल जिला प्रशासन को शायद ट्रक का बंदोबस्त करना पड़ सकता है।

ऐसा कागजों की भरमार के कारण होगा। प्रश्नों की संख्या है सिर्फ चार और जवाब देने के लिए भिड़ा है पूरा का पूरा अमला। अमूमन, विधानसभा में पूछे जाने वाले सवालों के जवाब या तो कूरियर से भेजे जाते हैं या संबंधित विभाग का कोई कर्मचारी खुद लेकर जाता है। निश्चित ही जवाब में सरकारी दस्तावेजों की भारी-भरकम तादाद देखते हुए बैतूल के ग्रामीण विकास विभाग को उन्हें एकत्र कर भोपाल तक भिजवाने के नाम पर पसीना आ रहा होगा।

सवाल पूछने वाले विधायक हैं, सुखदेव पांसे। वह बैतूल जिले के मुलताई विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव जीते हैं। दूसरी दफा विधायक बने पांसे ने राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना से जुड़े चार सवाल दाग कर विभाग की नाक में दम कर दिया है। पांसे ने पहला सवाल किया है कपिलधारा योजना के तहत बनने वाले कुओं को लेकर। इस योजना में बैतूल जिला पूरे देश में अव्वल आया है। पांसे ने बैतूल के उन सभी लाभार्थियों की सूची के साथ कुएं निर्माण के सत्यापन की छायाप्रति मांगी है, जिनके यहां कुआं बनाने का दावा कर पहला नंबर पाया गया। इसके साथ उन्होंने क्रय सामग्री माप के दिन की जानकारी भी प्रति लाभार्थी अलग-अलग मांगी है। इस प्रश्न में उन्होंने बैतूल के साथ ही छिंदवाड़ा जिले की जानकारी भी चाही है। बैतूल जिले की दस जनपद पंचायतों की 558 ग्राम पंचायतें और छिंदवाड़ा जिले की ग्यारह जनपद पंचायतों की 808 ग्राम पंचायतों से इस सवाल का जवाब खंगालने में पूरा का पूरा अमला लगा है।

उन्होंने दूसरा सवाल पूछा है, राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना की अब तक की प्रगति पर। यानी फरवरी 2006 से अब तक बैतूल जिले में रोजगार गारंटी योजना के तहत क्या-क्या काम हुए। कितना पैसा खर्च हुआ और कितने लोग लाभांवित हुए? तीसरा सवाल पंचायत वार उस रकम के बारे में पूछा गया तो काम का बगैर सत्यापन किए वितरित कर दी गई।

विधायक सुखदेव पांसे ने 'दैनिक जागरण' से बातचीत में कहा कि यदि काम हुआ होगा तो सामने आएगा और नहीं हुआ होगा तो इस जांच के बाद जरूर तेजी से होगा।

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