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Monday, March 16, 2009

Okie now we get tag of 'gang rape' capital as well

मध्य प्रदेश में महिला उत्पीड़न की घटनाएं कान खड़े कर देने वाली हैं। सरकार के आंकड़े बताते हैं कि पिछले 15 माह के दरम्यान 397 महिलाओं को सामूहिक बलात्कार का दंश झेलना पड़ा है। सबसे बुरा हाल ग्वालियर का रहा, जहां सामूहिक बलात्कार के 25 मामले दर्ज हुए।
16 नवंबर, 2007 से 28 फरवरी, 2009 के बीच प्रदेश के विभिन्न जिलों में सामूहिक बलात्कार के कुल 397 मामले दर्ज किए गए। इनमें सबसे ज्यादा मामले पिछड़े वर्ग के हैं, जिनकी संख्या 135 है। वहीं अनुसूचित जाति की 123, अनुसूचित जनजाति की 88 और सामान्य वर्ग की 51 महिलाओं को सामूहिक बलात्कार का शिकार होना पड़ा।
प्रदेश के गृह मंत्री जगदीश देवड़ा ने 13वीं विधानसभा के दूसरे सत्र के पहले दिन सोमवार को एक सवाल के जवाब में सामूहिक बलात्कार की घटनाओं का ब्योरा देते हुए बताया कि सामूहिक बलात्कार की सबसे ज्यादा घटनाएं ग्वालियर जिले में हुईं, जबकि सबसे कम एक-एक घटना पन्ना, कटनी, मंडला, डिन्डौरी, श्योपुर जिले में दर्ज हुई।
बलात्कार की शिकार बनी 397 महिलाओं में से 244 वयस्क हैं तो 153 नाबालिग हैं। गृह मंत्री देवड़ा की ओर से दी गई जानकारी में बताया गया कि 10 जनवरी, 2009 को सागर जिले के राहतगढ़ में एक महिला को निर्वस्त्र करके घुमाया गया था।

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