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Friday, February 20, 2009

Exploitation of minor by Sindhi godman in bhopal

भोपाल। लाल साई बलात्कार कांड में आरोपों से घिरी राजधानी पुलिस की मुसीबत कम होती नहीं दिख रही है। पुलिस मुख्यालय ने पिछले आदेश की अनदेखी करने पर भोपाल एसपी से जबाव मांगा है। वहीं एसडीओपी खुद को पाक साफ बता रहे हैं। उन्होंने शुक्रवार को पुलिस मुख्यालय जाकर सफाई भी दी।

लाल साई उर्फ लाल बूलचंदानी के हाथों यौन शोषण का शिकार छात्रा ने गुरुवार को एडीजी अजाक वीके पवार से गुहार लगाई थी। इस मामले में उन्होंने पिछली बार ही जांच अधिकारी एसडीओपी शशिकांत शुक्ला को हटाकर किसी एएसपी को जांच सौंपने का आदेश एसपी भोपाल को दिया था। इसके बाद भी जांच अधिकारी नहीं बदलने पर उन्होंने नाराजगी जताई। अब इस मामले में एसपी भोपाल जयदीप प्रसाद से स्पष्टीकरण मांगा गया है। मुख्यालय ने गुरुवार को फिर से जांच अधिकारी बदलने के आदेश जारी किए थे।

इस मामले में जांच के घेरे में फंसे एसडीओपी श्री शुक्ला ने शुक्रवार को पुलिस मुख्यालय जाकर सफाई दी। उनका कहना था कि पुलिस ने अपनी तरफ से छात्रा के बयान बदलने की बात नहीं की है तथा छात्रा ने उन्हें एक टाइप किया बयान दिया था। इसमें उसने खुद ये मामला वापस लेने की गुहार लगाई थी। ज्ञात रहे कि इस मामले की जांच शुरू से ही शक के दायरे में है। पुलिस ने आरोपी को बिना गिरफ्तार किए ही उसके आश्रम के ताले खोल दिए, साथ ही उसका सुपुर्दनामा भी किसी और को दे दिया। छापे के दौरान मिले कई साक्ष्यों की अनदेखी की गई।

महिला थाना प्रभारी को निलंबित कर जांच के आदेश

इस मामले में महिला थाना प्रभारी टी. जोईसा दास की भूमिका भी संदिग्ध रही है। उन्होंने इस गंभीर मामले की जांच में एक लाइन भी अपनी तरफ से नहीं लिखी। अजाक एडीजी ने उन्हें निलंबित कर उनकी विभागीय जांच के आदेश दिए हैं। इसके अलावा एसडीओपी को भी चार्जशीट जारी की जा सकती है।

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