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Sunday, December 21, 2008

First job of governmenr : Punish honest SP shami of Indore

भोपाल। पुलिस अधीक्षकों की कार्यप्रणाली से पुलिस मुख्यालय के आला-अफसर खासे नाराज हैं। अफसरों ने पांच पुलिस अधीक्षकों को तलब कर तीन को जमकर खरी-खोटी सुनाई और वरिष्ठ अफसरों को विश्वास में लेकर नियम-प्रक्रिया का पालन करने की हिदायत दी है।

पुलिस मुख्यालय ने भोपाल एसपी जयदीप प्रसाद, इंदौर एसपी संजीव शमी, रीवा एसपी मोहम्मद शाहिद अबसार, नरसिंहपुर एसपी ए सांई मनोहर व टीकमगढ़ एसपी आशीष को तलब किया था। पुलिस महानिदेशक एसके राउत की अनुपस्थिति में एडीजी प्रशासन ने अफसरों की बारी-बारी से क्लास ली। सबसे ज्यादा नाराजगी इंदौर एसपी के प्रति थी। श्री शमी ने इंदौर एसपी का कार्यभार संभालने के बाद सीधे चुनाव आयोग को पत्र लिखा था। पत्र में इंदौर में तीन सीएसपी को मुख्यमंत्री का रिश्तेदार बताते हुए तत्काल हटाने की सिफारिश की थी। नहीं हटाने की स्थिति में चुनाव कार्य प्रभावित होने की बात कही थी। इंदौर में हुई लूट के एक मामले में श्री शमी ने मुख्यमंत्री को भी गलत जानकारी दी थी। श्री दुबे ने इस पर नाराजगी व्यक्त की है।

रीवा एसपी ने भी एक अफसर को हटाने के लिए सीधे आयोग को पत्र लिखा था। उन्होंने भी उक्त अफसर के नेताओं के संपर्क में रहने की बात कही थी। टीकमगढ़ एसपी को कानून व्यवस्था ठीक नहीं रख पाने के कारण फटकार सुनना पड़ी। टीकमगढ़ में चुनाव के दौरान भाजपा प्रत्याशी सुनील नायक की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। एडीजी श्री दुबे ने तीनों अफसरों की कार्यप्रणाली सुधारने और नियम प्रक्रिया का पालन करने की हिदायत दी। उन्होंने कहा कि सीधे पत्राचार करने की बजाय नियमानुसार कार्रवाई करें। कोई भी निर्णय लेने में वरिष्ठ अफसरों को भी विश्वास में लेने की आदत डालें। भोपाल और नरसिंहपुर एसपी को फटकार नहीं सुनना पड़ी। दोनों अफसरों मात्र एक-एक अफसरों को लाइन अटैच किया था। उन्होंने उसके कारण भी बताए। श्री दुबे उनके जवाब से संतुष्ट नजर आए।

पुलिस मुख्यालय में अफसरों की क्लास के साथ मंत्रालय में भी आला-अफसरों की बैठक चल रही थी। अपर मुख्य सचिव गृह विनोद चौधरी ने पुलिस महानिदेशक एसके राउत के साथ इंटेलीजेंस, एजेके व योजना प्रबंध शाखा के अफसरों से सौ दिन की कार्ययोजना की जानकारी मांगी। अफसरों ने बल और संसाधन नहीं होने की दुखड़ा रोया।

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